Meaning of

जख़्म

zakham • زخم

घाव; निशान; भावनात्मक चोट

wound; scar; emotional hurt

زخم; نشان; جذباتی چوٹ

Arabic

लोग काँटों से बच के चलते हैं मैं ने फूलों से ज़ख़्म खाए हैं — Unknown
तुम बड़े अच्छे वक़्त पर आए आज इक ज़ख़्म की ज़रूरत थी — Zubair Ali Tabish
तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं — Tehzeeb Hafi
मैं ने चाहा था ज़ख़्म भर जाएँ ज़ख़्म ही ज़ख़्म भर गए मुझ में — Ammar Iqbal
किसी के ज़ख़्म पर चाहत से पट्टी कौन बाँधेगा अगर बहनें नहीं होंगी तो राखी कौन बाँधेगा — Munawwar Rana
पर्वतों को ज़ख़्म गहरे दे दिए हैं पानियों से पत्थरों पर वार कर के — nakul kumar

ज़ख़्म शारीरिक घाव के दर्द और दिल और आत्मा पर छोड़े गए गहरे, अक्सर अदृश्य निशानों को व्यक्त करता है। कविता में, यह भावनात्मक पीड़ा और खोए हुए प्रेम के स्थायी दर्द का रूपक बन जाता है।

कवि अक्सर ज़ख़्म का उपयोग दिल टूटने और दृढ़ता के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह पिछले दुखों और उपचार में पाई गई ताकत की याद दिलाता है।

ज़ख़्म जीवन के निशानों के बीच मानव आत्मा की दृढ़ता को व्यक्त करता है।