Meaning of

जख्मों

zakhamo • زخموں

घाव; चोटें; निशान

wounds; injuries; scars

زخم; چوٹیں; نشان

Arabic

दिल के ज़ख़्मों का कुछ क्या न करो चाक हो जाए तो सिया न करो — Maaham Shah
भरा है मेरे दिल को ज़ख़्मों से उस ने वो जिस की मुझे माँग भरनी थी यारों — Tanoj Dadhich
मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में — Anis shah anis
यूँँ बे-तरतीब ज़ख़्मों ने बताया राज़ क़ातिल का सलीक़े से जो मेरा क़त्ल गर होता तो क्या होता — Vikram Gaur Vairagi
और क्या इस से ज़ियादा कोई नर्मी बरतूँ दिल के ज़ख़्मों को छुआ है तिरे गालों की तरह — Jaan Nisar Akhtar
किसी की याद आती है किसी को याद करता हूँ मैं ये सब काम ज़ख़्मों की इबादत बा'द करता हूँ — Aman Mishra 'Anant'
गुज़िश्ता साल के ज़ख़्मो हरे-भरे रहना जुलूस अब के बरस भी यहीं से निकलेगा — Rahat Indori

मूल रूप से 'जख्मों' का अर्थ शारीरिक घाव या चोटें होता है। कविता में, यह शब्द अपने शाब्दिक अर्थ से आगे बढ़कर भावनात्मक और मानसिक घावों की बात करता है। यह दिल और आत्मा के अदृश्य घावों की ओर इशारा करता है, जो अक्सर छुपे होते हैं लेकिन गहराई से महसूस किए जाते हैं।

'जख्मों' का उपयोग कवि अक्सर अनचाहे भावनात्मक घावों के दर्द को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अतीत के आघातों या दिल टूटने के प्रभावों का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द अक्सर उपचार या समापन के विपरीत होता है, कुछ दर्दों की स्थायी प्रकृति को उजागर करता है।

'जख्मों' उस मौन प्रतिध्वनि की बात करता है जो प्रारंभिक चोट के बाद भी बनी रहती है। यह पीड़ा के बीच मानव आत्मा की दृढ़ता का प्रमाण है।