Meaning of

ज़मीर

zameer • ضمیر

अंतरात्मा; आंतरिक आवाज़; नैतिक भावना

conscience; inner voice; moral sense

ضمیر; اندرونی آواز; اخلاقی حس

Arabic

वो जंग जिस में मुक़ाबिल रहे ज़मीर मिरा मुझे वो जीत भी 'अंबर' न होगी हार से कम — Ambreen Haseeb Ambar
हमें पता है कि मसरूफ़ हो बहुत फिर भी हमारी दस्तकें सुनते रहो ज़मीर हैं हम — Madan Mohan Danish
अब हम भी सोचते हैं कि बाज़ार गर्म है अपना ज़मीर बेच के दुनिया ख़रीद लें — Iqbal Azeem
इंसाँ के ज़मीरों को जला देती है ग़ुर्बत कुछ बात है दर उस का अँधेरे में खुला है — Navneet krishna

ज़मीर भीतर का मौन मार्गदर्शक है, नैतिक दिशा सूचक जो किसी के कार्यों को निर्देशित करता है। यह तर्क और नैतिकता की आवाज़ है, जिसे अक्सर एक फुसफुसाहट के रूप में चित्रित किया जाता है जो आत्मा को चुनौती देती है या सांत्वना देती है।

कवि 'ज़मीर' का उपयोग अपराधबोध, मोचन, और नैतिक संघर्ष के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह अक्सर एक कथा में मौन न्यायाधीश होता है, बाहरी निर्णयों के विपरीत और व्यक्तिगत अखंडता को उजागर करता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'ज़मीर' आत्मा का शांत मध्यस्थ है, धर्म के लिए निरंतर संघर्ष का प्रमाण है।