Meaning of

ज़ाती

zaati • ذاتی

व्यक्तिगत; निजी

personal; individual

ذاتی; انفرادی

Arabic

है मुयस्सर सब को मेरी डाइरी जिस को लिखा है शा'इरी में
गर जो चाहो तुम भी पढ़ लो ज़िंदगी और इश्क़ के सब ज़ाती क़िस्से

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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मसअला है
मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मसअला है

परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो
तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सियाती मसअला है

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बिछड़ने का इरादा है तो मुझ से मशवरा कर लो
मोहब्बत में कोई भी फ़ैसला ज़ाती नहीं होता

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न हों अश'आर में माअनी न सही
ख़ुद कलामी का ज़रिया ही सही

तुम न नवाज़ो शे'र को, न सुनाएंगे
ये मेरा ज़ाती नज़रिया ही सही

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दर्द में रहती है ग़म को आज़माती है
ज़िंदगी कुछ गीत भी यूँँ गुनगुनाती है

ये उधारी का सफ़र है इस ज़माने में
इक न इक दिन मौत फिर सब को बुलाती है

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मेरी आँखों में बनकर ख़्वाब मुझ को आज़माती हैं
तेरी यादें अभी तक रातों की नींदें उड़ाती हैं

वो जिन अलमारियों में मैं तुम्हारी यादें रखता था
उन्हीं अलमारियों में अब किताबें धूल खाती हैं

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कोई दुनिया में आ कर तंग तो कोई न जाने से
सभी इंसाँ परेशाँ हैं किसी ज़ाती बहाने से

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डूब जाता है ये दिल भी साथ आफ़ताब के
हर सियाह रात मेरा ज़ब्त आज़माती है

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है मुयस्सर सब को मेरी डाइरी जिस को लिखा है शा'इरी में
गर जो चाहो तुम भी पढ़ लो ज़िंदगी और इश्क़ के सब ज़ाती क़िस्से

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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मसअला है
मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मसअला है

परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो
तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सियाती मसअला है

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'ज़ाती' शब्द व्यक्तिगत स्थान और पहचान की गहराई को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर आत्म की उन परतों को उजागर करता है जो दुनिया के साथ संबंध में होती हैं।

कवि 'ज़ाती' का उपयोग आत्म-अन्वेषण और आत्मचिंतन के विषयों में करते हैं। यह सामूहिक अनुभवों के विपरीत, व्यक्तिगत यात्राओं की एकांतता को उजागर करता है।

कविता में, 'ज़ाती' आत्मा की अर्थ की खोज को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।