है मुयस्सर सब को मेरी डाइरी जिस को लिखा है शा'इरी मेंगर जो चाहो तुम भी पढ़ लो ज़िंदगी और इश्क़ के सब ज़ाती क़िस्से— A R Sahil "Aleeg"