Meaning of

फितरत

fitrat • فطرت

प्रकृति; स्वभाव

nature; disposition

فطرت; مزاج

Arabic

सियासतदार थे वो यार फ़ितरत थी मुकर जाना कि पागल थे लगा बैठे वफ़ा की आरज़ू उन सेे — ATUL SINGH
मत उठाओ मेरी अच्छाई का इतना फ़ाइदा तुम मैं बुरा बन जाऊँ ये फितरत नहीं है मेरी यारों — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
अधूरे ज़ीस्त के मिसरे ग़ज़ल कोई अधूरी सी क़वाफ़ी से बदलते तुम मेरी फ़ितरत रदीफ़ों सी — Priya omar
नक़्ल किए तो वक़्त में मारे जाओगे सब को अपनी फ़ितरत ज़िंदा रखती है — Rakesh Mahadiuree
जिस की फ़ितरत ही बे वफ़ाई हो उस सेे उम्मीद-ए-वफ़ा क्या करना — Ajeetendra Aazi Tamaam
फितरस को पर दिए तो किसी को दिए पिसर दर से किसी को भेजा ना ख़ाली हुसैन ने — Almas Rizvi

'फितरत' किसी व्यक्ति या वस्तु की अंतर्निहित प्रकृति या चरित्र को संदर्भित करता है। कविता में, यह अक्सर अस्तित्व की सार को खोजता है, उन अंतर्निहित गुणों की खोज करता है जो अस्तित्व को परिभाषित करते हैं।

कवि 'फितरत' का उपयोग मानवता और प्राकृतिक दुनिया की सार पर विचार करने के लिए करते हैं। यह कृत्रिमता या दिखावे के विपरीत होता है।

कविता में फितरत प्रामाणिकता और सत्य की ओर लौटने का निमंत्रण देती है।