Meaning of

मंसूब

mansoob • بادہ آشامی

समर्पित; अर्पित

attributed; dedicated

منسوب; وقف

Arabic

इस दुनिया का हर मंसूबा हर कोशिश बेकार हुई इक बच्चे ने हाथ बढ़ाया चाँद को छू कर देख लिया — Tariq Qamar
जीत कर जिस को सभी कुछ पा लिया मैं उसी की हार से मंसूब हूँ‌ — Aves Sayyad
है नाम से मंसूब जहाँ भर में तू मेरे जाएगा कहाँ मुझ से तू दामन को छुड़ा कर — Meem Maroof Ashraf
तिरी अपनी अगर पहचान हो तो मुझ को बतला दे तू मेरे नाम से मंसूब है सारे ज़माने में — Meem Maroof Ashraf

'मंसूब' शब्द में समर्पण या अर्पण की भावना होती है। कविता में, यह अक्सर किसी व्यक्ति, विचार या उद्देश्य के प्रति गहरे संबंध या जुड़ाव को दर्शाता है। इस शब्द की भावनात्मक गहराई इसके उद्देश्य और भक्ति की भावना में निहित है।

'मंसूब' का उपयोग कवि किसी प्रिय या उच्च उद्देश्य के प्रति समर्पण व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक आध्यात्मिक या भावनात्मक बंधन को दर्शा सकता है। यह शब्द अक्सर प्रेम, निष्ठा और विश्वास के संदर्भों में आता है।

कविता की दुनिया में, 'मंसूब' समर्पण के सार को समेटे हुए है। यह उन बंधनों की बात करता है जो साधारण से परे हैं।