Meaning of

मक़्तल

maqtal • مقتل

फांसी का स्थान; युद्धभूमि

place of execution; battlefield

پھانسی کی جگہ; میدان جنگ

Arabic

मक़तल-ए-शौक़ के आदाब निराले हैं बहुत दिल भी क़ातिल को दिया करते हैं सर से पहले — Ali Sardar Jafri
फिर से मक़्तल में बहाएा है लहू क़ातिल का फिर ये उम्मीद है अब कोई न मारा जाए — Sanjay Bhat
कभी उस को हम अपनी रूह का पैकर समझते थे बहुत नादान थे मक़्तल को अपना घर समझते थे — Haider Khan
एक वो रात थी जब मैं तन्हा मक़्तल मक़्तल घूमा था एक ये रात कि मैं इक चारा-गर से मिलने आया हूँ — Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
चला है जोश में मक़्तल की ओर जोशीला उसी को देख के कितनों को अक़्ल आई है — Tarun Bharadwaj
इश्क़ के मक़्तल चलो ज़ख़्म-ए-जिगर को देखते हैं लोग बाज़ीगर के कैसे अब हुनर को देखते हैं — Manohar Shimpi

'मक़्तल' शब्द मूल रूप से उस स्थान को संदर्भित करता है जहाँ फांसी दी जाती है, लेकिन कविता में, यह अक्सर जीवन के युद्धक्षेत्र का प्रतीक होता है जहाँ संघर्ष और बलिदान होते हैं। यह गंभीरता और गहनता की भावना को जागृत करता है।

कवि 'मक़्तल' का उपयोग बलिदान, संघर्ष और उस अनिवार्य भाग्य के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं जो सभी का इंतजार करता है। यह अक्सर भाग्य के साथ अंतिम टकराव के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।

कविता के क्षेत्र में, 'मक़्तल' भाग्य के गंभीर नृत्य और जीवन के ताने-बाने में अंकित बलिदानों को दर्शाता है।