Meaning of

मताअ

mataa • متاع

संपत्ति; धन; खजाना

possession; wealth; treasure

ملکیت; دولت; خزانہ

Arabic

मता-ए-जान अगर तुम मुझे इजाज़त दो तो इक गुलाब लगा दूँ तुम्हारी ज़ुल्फ़ों में — Shajar Abbas
तुम आना जब मिरे दिन अच्छे हों मता-ए-जाँ बुरा है वक़्त अभी और अच्छे दिन नहीं मालूम — Naresh sogarwal 'premi'
इसीलिए तो दिया दिल मता-ए-जान तुम्हें किसी भी आन पलट सकते थे ज़बान से हम — Mohit Dixit
हमारा इश्क़ सच्चा था सो हम पर मता-ए-जाँ बिछड़ना लाज़िमी था — Shajar Abbas
जो कुछ मता-ए-हुनर हो तो सामने लाओ कि ये ज़माना-ए-इज़हार-ए-नस्ल-ओ-रंग नहीं — Akbar Ali Khan Arshi Zadah
मता'-ए-ज़ीस्त मेरी है सनम आलम का सरमाया फ़क़त तेरा ही होकर रहने में सबका ख़सारा है — Sohit Singla
बहलाओगी खिलौनों से कब तक यूँँ अपना दिल छोड़ो ये आओ इश्क़ करो तुम मता-ए-जाँ — Shajar Abbas
ये दूरियाँ तो रास्तों की हैं मता-ए-जाँ कि नक़्शे में तो तुम बहुत क़रीब लगती हो — Naresh sogarwal 'premi'
ये मुझ सेे चाँद तारे कह रहे हैं मता-ए-जाँ तुम्हें बाँहों में ले लूँ — Shajar Abbas

मताअ केवल भौतिक संपत्ति नहीं है; यह हृदय और आत्मा के खजानों को समेटे हुए है। कविता में, यह अक्सर सांसारिक संपत्तियों की क्षणभंगुरता और आंतरिक धन के शाश्वत मूल्य को दर्शाता है।

कवि इस शब्द का उपयोग भौतिक और आध्यात्मिक धन के बीच के अंतर को खोजने के लिए करते हैं। यह संपत्ति की क्षणभंगुरता या प्रेम और ज्ञान के स्थायी प्रभाव का प्रतीक हो सकता है।

सच्चा धन संपत्ति में नहीं, बल्कि हृदय की समृद्धि में है।