Meaning of

मन्द

mand • مند

धीमा; कोमल; मृदु

slow; gentle; mild

آہستہ; نرم; ملائم

Sanskrit

कोई समुन्दर, कोई नदी होती, कोई दरिया होता हम जितने प्यासे थे हमारा एक गिलास से क्या होता? — Tehzeeb Hafi
दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे जब कभी हम दोस्त हो जाएँ तो शर्मिंदा न हों — Bashir Badr
रुक गया दरिया समुन्दर बह गया और फिर आख़िर हिमालय ढह गया — nakul kumar
वो अक़्ल-मंद कभी जोश में नहीं आता गले तो लगता है आग़ोश में नहीं आता — Farhat Ehsaas
प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है — Rahat Indori
ख़ुद को मनवाने का मुझ को भी हुनर आता है मैं वो कतरा हूँ समुंदर मेरे घर आता है — Waseem Barelvi
उदासी इक समुंदर है कि जिस की तह नहीं है मैं नीचे और नीचे और नीचे जा रहा हूँ — Charagh Sharma

'मन्द' शब्द धीमेपन और कोमलता का भाव लिए हुए है। यह एक ऐसी गति का सुझाव देता है जो अविचलित और शांत है, अक्सर एक शांतिपूर्ण और शांति भरे वातावरण को जगाता है। कविता में, यह समय के कोमल प्रवाह या भावनाओं के मृदु उन्मेष का प्रतीक हो सकता है।

कवि 'मन्द' का प्रयोग धीमी गति से बहती नदी की शांति या पत्तों की कोमल सरसराहट को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह हवा की मृदु फुसफुसाहट या सांझ के समय धीरे-धीरे धुंधलाने वाले प्रकाश का वर्णन भी कर सकता है।

अपनी कोमल बाहों में, 'मन्द' एक काव्यात्मक विराम प्रस्तुत करता है। यह जीवन के शांत क्षणों की सुंदरता पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।