Meaning of

मसनद

masnad • مسند

सिंहासन; अधिकार की सीट

throne; seat of authority

تخت; اختیار کی نشست

Arabic

उतर कर आसमानों से ज़मीं की ख़ाक पर बैठो
ख़ुदा ने सब सेे ऊँची आप को मसनद अता की है

1

Download Image

एक नया आशिक़ है उस का, जान छिड़कता है उसपर
मुझ को डर है वो भी इक दिन मय-ख़ाने से निकलेगा

56

Download Image

ये तो बढ़ती ही चली जाती है मीआद-ए-सितम
ज़ुज़ हरीफ़ान-ए-सितम किस को पुकारा जाए

वक़्त ने एक ही नुक्ता तो किया है ता'लीम
हाकिम-ए-वक़त को मसनद से उतारा जाए

48

Download Image

उतर कर आसमानों से ज़मीं की ख़ाक पर बैठो
ख़ुदा ने सब सेे ऊँची आप को मसनद अता की है

28

Download Image

अपनी मसनद को बचाने के लिए फिर मुल्क में
भाइयों को एक दूजे से लड़ाया जाएगा

3

Download Image

फूल की ख़ुशबू बदन चुराए बैठे हैं
लोग हमारी रोटी खाए बैठे हैं

कौन कहेगा कौन सुनेगा अब मेरी
मसनद पर सब बिके बिकाए बैठे हैं

3

Download Image

अपनी मसनद को बचाने के लिए फिर मुल्क में
भाइयों को एक दूजे से लड़ाया जाएगा

2

Download Image

मसनद-ओ-ताज या अक़दार का मोहताज नहीं
दिल वो हाकिम है जो दरबार का मोहताज नहीं

2

Download Image

वैसे ही तो ये साहिब-ए-मसनद
मुल्क के जाँ पनाह लगते हैं

जैसे कुछ बैठे लड़के बाइक पर
हू-ब-हू बादशाह लगते हैं

2

Download Image

उस के हाथों से गिरे चाँद सितारे ऐसे
जैसे मसनद से कोई खाक़ नशी होता हैं

तेरी बाहों से निकलने का ख़याल आए क्यो
उम्र की क़ैद से कब क़ैदी बरी होता हैं

1

Download Image

उतर कर आसमानों से ज़मीं की ख़ाक पर बैठो
ख़ुदा ने सब सेे ऊँची आप को मसनद अता की है

1

Download Image

एक नया आशिक़ है उस का, जान छिड़कता है उसपर
मुझ को डर है वो भी इक दिन मय-ख़ाने से निकलेगा

56

Download Image

मूल रूप से, 'मसनद' सिंहासन या शक्ति की सीट को दर्शाता है, एक ऐसा स्थान जहाँ अधिकार निवास करता है। कविता में, यह शाब्दिक अर्थ से परे जाकर जिम्मेदारी के भार और नेतृत्व के बोझ को समाहित करता है। यह शक्ति के पदों के साथ आने वाली भव्यता और अलगाव को जगाता है।

कवि 'मसनद' का उपयोग शक्ति, कर्तव्य और नेतृत्व की एकांतता के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर आम आदमी की विनम्रता के विपरीत रखा जाता है, जो अधिकार में निहित अलगाव को उजागर करता है। यह शब्द शक्ति की क्षणभंगुर प्रकृति का भी प्रतीक हो सकता है।

'मसनद' शक्ति की द्वैत प्रकृति का प्रमाण है: इसकी भव्यता और इसका अलगाव। यह हमें अधिकार की क्षणभंगुर छायाओं की याद दिलाता है।