उस के हाथों से गिरे चाँद सितारे ऐसेजैसे मसनद से कोई खाक़ नशी होता हैंतेरी बाहों से निकलने का ख़याल आए क्योउम्र की क़ैद से कब क़ैदी बरी होता हैं— Moin Hasan