Meaning of

मसर्रात

masrraat • مسرت

आनंद; प्रसन्नता; खुशी

joy; delight; happiness

خوشی; مسرت; شادمانی

Arabic

ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब ऐश की तरह अगर ग़म भी गवारा होता — Akhtar Shirani
दिल मसर्रत से भर नहीं आता जब मुझे वो नज़र नहीं आता — Ananya Rai Parashar
अधूरा इश्क़ मेरा आज भी है मसर्रत को मेरी मजबूरी समझो — Bhanwar Mandan
ग़मों से रिहा होंगे परवेज़ साहब अगर मिल गई कुछ मसर्रत कभी भी — Parvez Shaikh
जब खिले फूल चमन में तो तिरी याद आई चंद आँसू भी मसर्रत के बहाने निकले — Kumar Pashi
ख़्वाब को कोई हक़ीक़त में बदल दे मेरा दिल भी अब मसर्रत चाहता है — ABhishek Parashar
ख़ुशियाँ तो क्या ही देंगी मसर्रात के सिवा ग़म से मिलो वो देगा तजर्बे नए नए — SHIV SAFAR
बिखरे चेहरे की आभा भी हर सू हो मसर्रत न कोई रोना हो — Abha sethi

मसर्रात एक शुद्ध, निर्मल आनंद का भाव जगाता है। कविता में, यह अक्सर उन क्षणिक खुशियों को दर्शाता है जो मानव अनुभव को प्रकाशित करती हैं। यह शब्द एक हल्कापन, एक उत्सव का भाव लिए होता है जो साधारण से परे है।

कवि अक्सर मसर्रात का उपयोग दुःख के बीच आनंद के क्षणों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह निराशा के शब्दों के विपरीत, आशा की एक झलक प्रदान करता है। इसका उपयोग प्रेम, प्रकृति और क्षणिक सुंदरता में मिलने वाले आनंद को वर्णित करने के लिए किया जाता है।

मसर्रात क्षणिक खुशियों में सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है। यह हमारे जीवन के किनारों पर हल्के से नाचती खुशी की फुसफुसाहट करता है।