यही ज़िन्दगी मुसीबत यही ज़िन्दगी मसर्रतयही ज़िन्दगी हक़ीक़त यही ज़िन्दगी फ़सानाकभी मैं हूँ तुझ से नालाँ कभी मुझ से तू परेशाँकभी मैं तिरा हदफ़ हूँ कभी तू मिरा निशाना— Moin Ahsan Jazbi