Meaning of

मस्नद

masnad • مسند

सिंहासन; अधिकार की सीट; सम्मान का स्थान

throne; seat of authority; place of honor

تخت; اختیار کی نشست; عزت کی جگہ

Arabic

एक नया आशिक़ है उस का, जान छिड़कता है उसपर मुझ को डर है वो भी इक दिन मय-ख़ाने से निकलेगा — Siddharth Saaz
उतर कर आसमानों से ज़मीं की ख़ाक पर बैठो ख़ुदा ने सब सेे ऊँची आप को मसनद अता की है — Pawan mahabodhi
मसनद-ओ-ताज या अक़दार का मोहताज नहीं दिल वो हाकिम है जो दरबार का मोहताज नहीं — Wajid Husain Sahil
अपनी मसनद को बचाने के लिए फिर मुल्क में भाइयों को एक दूजे से लड़ाया जाएगा — ''Akbar Rizvi"
अपनी मसनद को बचाने के लिए फिर मुल्क में भाइयों को एक दूजे से लड़ाया जाएगा — ''Akbar Rizvi"
उतर कर आसमानों से ज़मीं की ख़ाक पर बैठो ख़ुदा ने सब सेे ऊँची आप को मसनद अता की है — PAWAN PARASTISH

मस्नद एक ऐसा शब्द है जो सिंहासन की भव्यता और अधिकार को दर्शाता है, इसके साथ नेतृत्व का भार और जिम्मेदारी की गंभीरता भी जुड़ी होती है। कविता में, यह केवल भौतिक शक्ति का नहीं बल्कि इसके साथ आने वाले नैतिक और नैतिक बोझ का प्रतीक भी होता है।

कवियों द्वारा मस्नद का उपयोग अक्सर शक्ति और जिम्मेदारी के विषयों की खोज के लिए किया जाता है। यह एक साधारण जीवन की विनम्रता या सांसारिक सत्ता की क्षणभंगुरता के साथ विरोधाभास कर सकता है।

मस्नद शक्ति की द्वैतता को दर्शाता है - इसकी आकर्षण और इसका भार। कविता में, यह अधिकार के साथ आने वाली जिम्मेदारियों की याद दिलाता है।