Meaning of

माज़ी

maazi • ماضی

अतीत; बीते हुए समय

past; bygone times

ماضی; گزرا ہوا وقت

Arabic

एक अजब सानेहा गुज़रा है मेरे माज़ी में मेरी दिलचस्पी ख़त्म हो गई है शादी में — Vishal Singh Tabish
टहनी पे ख़मोश इक परिंदा माज़ी के उलट रहा है दफ़्तर — Rais Amrohvi
जब भी माज़ी के ज़ख़्मों पर मुझे हवा लगती है बन के मरहम दिल पे सिगरेट ही दवा लगती है — ALI ZUHRI
माज़ी भी है उदास मेरे हाल की तरह ये साल भी गुज़र गया हर साल की तरह — Saqi Amrohvi
हालत-ए-हाल से बेगाना बना रक्खा है ख़ुद को माज़ी का निहाँ-ख़ाना बना रक्खा है — Abbas Qamar
माज़ी-ए-मरहूम की नाकामियों का ज़िक्र छोड़ ज़िन्दगी की फ़ुर्सत-ए-बाक़ी से कोई काम ले — Seemab Akbarabadi
माज़ी इक लंबी सियाह परछाई है मुस्तकबिल में दूर तलक तन्हाई है — Pawan Kumar

'माज़ी' शब्द इतिहास के भार और समय के प्रवाह को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर पुरानी यादों, लालसा, या जो खो गया है या संजोया गया है, उस पर चिंतन की भावना को वहन करता है।

कवि अक्सर 'माज़ी' का उपयोग स्मृति और हानि के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अतीत के लिए लालसा या समय के प्रवाह पर ध्यान को व्यक्त कर सकता है।

कविता में, 'माज़ी' समय की गूंजों के लिए एक पुल है, जो दिल की गहरी चिंतनशीलता के साथ प्रतिध्वनित होता है।