Meaning of

मिन्नत

minnat • منت

प्रार्थना; विनती; निवेदन

request; supplication; entreaty

درخواست; التجا; منت

Arabic

हज़ारों मन्नतों पर भी कोई बोसा नहीं मिलता किसी सूरत में उस कंजूस के बटुए नहीं खुलते — Kushal Dauneria
गले लगाएँ बलाएँ लें तुम को प्यार करें जो बात मानो तो मिन्नत हज़ार बार करें — Rind lakhnavi
न जाने बाहर भी कितने आसेब मुंतज़िर हों अभी मैं अंदर के आदमी से डरा हुआ हूँ — Aanis Moin
वो थे जवाब के साहिल पे मुंतज़िर लेकिन समय की नाव में मेरा सवाल डूब गया — Bekal Utsahi
उसी का मुन्तज़िर भी है हमारा दिल उसी को भूलना भी चाहते है हम — Rohit Gustakh
मुंतज़िर हूँ कि सितारों की ज़रा आँख लगे चाँद को छत पे बुला लूँगा इशारा कर के — Rahat Indori
दर्द मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ मैं न अच्छा हुआ बुरा न हुआ — Mirza Ghalib
साल, पर साल, और फिर इस साल मुंतज़िर हम थे मुंतज़िर हम हैं — Shamim Abbas

मिन्नत शब्द में एक विनम्र अनुरोध की भावना होती है, जो अक्सर गहरी भावनात्मक अपील से भरी होती है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर एक दिल की सच्चाई और विनम्रता को व्यक्त करता है, जो प्रार्थना में खुला होता है।

कवि अक्सर 'मिन्नत' का उपयोग प्रेमी की प्रार्थना को व्यक्त करने के लिए करते हैं, जिसमें लालसा और इच्छा की भावना होती है। इसका उपयोग आध्यात्मिक साधक की विनम्र प्रार्थना को व्यक्त करने के लिए भी किया जाता है। यह शब्द अधिक दृढ़ अनुरोधों के विपरीत होता है, जो वक्ता की संवेदनशीलता को उजागर करता है।

मिन्नत आशा और विनम्रता के बीच के नाज़ुक नृत्य को दर्शाता है। यह पाठक को संवेदनशीलता में पाई जाने वाली शांत शक्ति पर विचार करने के लिए आमंत्रित करता है।