मिन्नतें करता था रुक जाओ मेरा कोई नहींमेरे रोके से मगर कौन रुका कोई नहींबेवफ़ाई को बड़ा जुर्म बताने वालेयाद है तू ने भी चल छोड़ हटा कोई नहीं— Khan Janbaz