Meaning of

मेहर

mehr • مہر

सूरज; दया; स्नेह

sun; kindness; affection

سورج; مہربانی; محبت

Persian

उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का — Unknown
ये उस की मेहरबानी है वो घर में ही सँवरती है निकल आए जो महफ़िल में तो क़त्ल-ए-आम हो जाए — Ashraf Jahangeer
आए तो यूँँ कि जैसे हमेशा थे मेहरबान भूले तो यूँँ कि गोया कभी आश्ना न थे — Faiz Ahmad Faiz
हुस्न जब मेहरबाँ हो तो क्या कीजिए इश्क़ के मग़्फ़िरत की दुआ कीजिए — Khumar Barabankvi
न जाना कि दुनिया से जाता है कोई बहुत देर की मेहरबाँ आते आते — Dagh Dehlvi
दिल अभी पूरी तरह टूटा नहीं दोस्तों की मेहरबानी चाहिए — Abdul Hamid Adam
न जाने कैसी महरूमी पस-ए-रफ़्तार चलती है हमेशा मेरे आगे आगे इक दीवार चलती है — Aziz Nabeel
ख़फ़ा हैं फिर भी आ कर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है — Akhtar Shirani

मेहर का मूल अर्थ सूरज है, जो प्रकाश और गर्मी का स्रोत है। कविता में, यह दया और स्नेह का प्रतीक बन जाता है, जैसे सूरज की पोषक किरणें जीवन को संजीवनी देती हैं।

कवि अक्सर 'मेहर' का प्रयोग प्रेम की गर्माहट या प्रिय की कोमल दया को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह कठोर तत्वों के विपरीत, स्नेह के पोषक पहलुओं को उजागर करता है।

मेहर स्नेह की कोमल गर्माहट का प्रतीक है, भावनाओं के क्षेत्र में एक धूप से भरा आलिंगन।