Meaning of

मोहर

mohr • مہر

मुहर; छाप; प्रभाव

seal; stamp; impression

مہر; چھاپ; اثر

Persian

उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का — Unknown
ये उस की मेहरबानी है वो घर में ही सँवरती है निकल आए जो महफ़िल में तो क़त्ल-ए-आम हो जाए — Ashraf Jahangeer
आए तो यूँँ कि जैसे हमेशा थे मेहरबान भूले तो यूँँ कि गोया कभी आश्ना न थे — Faiz Ahmad Faiz
ख़फ़ा हैं फिर भी आ कर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है — Akhtar Shirani
न जाना कि दुनिया से जाता है कोई बहुत देर की मेहरबाँ आते आते — Dagh Dehlvi
दिल अभी पूरी तरह टूटा नहीं दोस्तों की मेहरबानी चाहिए — Abdul Hamid Adam
हुस्न जब मेहरबाँ हो तो क्या कीजिए इश्क़ के मग़्फ़िरत की दुआ कीजिए — Khumar Barabankvi
ख़ता तुम से हुई आख़िर तुम्हारा क्या बिगड़ जाता ये बाज़ी भी तुम्हारी थी अगर मोहरा बदल लेते — Farah Iqbal

'मोहर' सील या चिह्नित करने की क्रिया को दर्शाता है, जो अक्सर अधिकार और प्रामाणिकता का भार वहन करता है। कविता में, यह आत्मा पर अनुभवों या भावनाओं द्वारा छोड़े गए अमिट निशानों का प्रतिनिधित्व करता है।

स्थायित्व और प्रभाव के विषयों को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। कवि अक्सर इसका उपयोग प्रेम, हानि, या स्मृति के स्थायी प्रभावों का पता लगाने के लिए करते हैं। अस्थायी और शाश्वत के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है।

'मोहर' जीवन के स्थायी छापों का सार पकड़ता है, जहाँ प्रत्येक मुहर अपनी कहानी कहती है।