Meaning of

याद-ए-जानाँ

yaad-e-jaanaan • یاد جاناں

प्रिय की स्मृति; प्रियजन की याद

memory of the beloved; remembrance of the dear one

یاد جاناں; محبوب کی یاد

Persian

काँटे ही आते रहे इस ज़िंदगी की राह में ज़ख़्म हम खाते रहे और याद तुम आते रहे — Divya 'Kumar Sahab'
बे-वफ़ा का बे कहा मैं ने फ़क़त और सब को याद तुम आने लगी — Murari Mandal
अगर आए हमारी याद तुम को किसी की ख़ामियों में ढूँड लेना — Ambar
ज़ख़्म-ए-दिल भरने वाले थे मेरे शजर याद तुम आए ये फिर हरे हो गए — Shajar Abbas
याद तुम को भी बहुत आएँगे हम बे-सबब जिस रोज़ मर जाएँगे हम — karan singh rajput

यह वाक्यांश किसी के विचारों में प्रियतम की कोमल और स्थायी उपस्थिति को दर्शाता है। कविता में, यह स्मृतियों की मधुर और कड़वी प्रकृति को व्यक्त करता है जो बनी रहती है।

कवि अक्सर इसका उपयोग लालसा और स्मृति के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह उन छंदों में प्रकट होता है जो अतीत और प्रेम के स्थायी प्रभाव पर विचार करते हैं।

कविता में, प्रिय की स्मृति एक कोमल प्रतिध्वनि है, जो समय के गलियारों में गूंजती है।