Meaning of

शिआ'र

shi'aar • شعار

प्रतीक; चिह्न; आदर्श वाक्य

symbol; emblem; motto

علامت; نشان; نعرہ

Arabic

अमीर इमाम के अश'आर अपनी पलकों पर तमाम हिज्र के मारे उठाए फिरते हैं — Ameer Imam
सब ख़्वाहिशें पूरी हों 'फ़राज़' ऐसा नहीं है जैसे कई अश'आर मुकम्मल नहीं होते — Ahmad Faraz
इस लिए नहीं रोया अश'आर में वज़्न से बाहर थी मेरी सिसकियाँ — Saad Ahmad
शब-ए-फ़िराक़ में अश'आर आशकार हुए मुझे नहीं है सनम तुझ सेे अब गिला कोई — Amaan Pathan
लबों में आ के क़ुल्फ़ी हो गए अश'आर सर्दी में ग़ज़ल कहना भी अब तो हो गया दुश्वार सर्दी में — Sarfaraz Shahid
मेरे अश'आर पढ़ने वाले लोग तेरी तस्वीर माँग बैठे हैं — Shadab Javed
उस हिज्र पे तोहमत कि जिसे वस्ल की ज़िद हो उस दर्द पे ला'नत की जो अश'आर में आ जाए — Vipul Kumar

मूल रूप से, 'शिआ'र' का अर्थ है एक प्रतीक या चिह्न जो किसी गहरे अर्थ या विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है। कविता में, यह गहरी विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम बन जाता है, अक्सर किसी विषय या भावना के सार को समेटे हुए।

कवि 'शिआ'र' का उपयोग अपने विषयों के सार को समेटने के लिए करते हैं। यह भावनाओं को जागृत करने और संदेशों को संक्षेप में व्यक्त करने का एक शक्तिशाली उपकरण बनता है। यह विस्तृत अभिव्यक्तियों के विपरीत है, संचार के एक संक्षिप्त रूप की पेशकश करता है।

'शिआ'र' विचार की विशालता को एक ही प्रतीक में समेटता है। यह कवि की मौन लेकिन गहरी आवाज़ है।