Meaning of

क़फ़स

qafs • قفس

पिंजरा; जेल

cage; prison

پنجرہ; قید خانہ

Arabic

नहीं इस खुली फ़ज़ा में कोई गोशा-ए-फ़राग़त ये जहाँ अजब जहाँ है न क़फ़स न आशियाना — Allama Iqbal
इस सेे तो ठीक था कि परिंदे क़फ़स में हों बाहर तो दरिन्दों का है मज़मा लगा हुआ — Umesh Maurya
क़फ़स की तीलियों से टूट कर जो गिर गया हूँ मैं तुम्हारी आँख का तिनका था अब नश्तर बना हूँ मैं — REHAN KHAN
क्या अजब रीत है मोहब्बत की हम रिहा हो के भी क़फ़स में हैं — Pritesh Bunker
बिछड़ता है कहीं कोई बहुत ही रंज होता है परिंदों को हमेशा मैं क़फ़स से दूर रखता हूँ — Ansar Eatvi
हँस के कहता है कि घर अपना क़फ़स को समझो सबक़ उल्टा मेरा सय्याद पढ़ाता है मुझे — Yagana Changezi

क़फ़स आत्मा को बांधने वाली बाधाओं और सीमाओं को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर आत्मा के संघर्षों का प्रतीक है, जो स्वतंत्रता की लालसा करता है।

कवि क़फ़स का उपयोग सांसारिक या भावनात्मक बंधनों से मुक्ति की लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह खुले आकाश के विपरीत है, जो आत्मा की ऊँचाई पर उड़ने की इच्छा का प्रतीक है।

क़फ़स आत्मा की स्वतंत्रता की अनंत खोज की एक मार्मिक याद दिलाता है। यह हृदय की गहरी इच्छाओं को संबोधित करता है।