Meaning of

क़हक़हे

qahqohe • قہقہے

हँसी; ठहाका

laughter; loud laughter

قہقہہ; بلند قہقہہ

Arabic

एक उस को ही पता थी मेरी आदत वो नहीं हँसता था मेरे कहकहे पर — Siddharth Saaz
न वो क़हक़हे न वो महफ़िलें न वो मय-कदे की है रौनक़ें हुआ क्या कि देखते-देखते ये निज़ाम सारा बदल गया — Dharmesh bashar
क़ब्र में क़हक़हे हैं उसी की सनद बोली थी "ख़ुश रहे तू जहाँ भी रहे" — Akhil Saxena
दिया है हुक्म ग़मों ने तमाम उम्र शजर तवाफ़-ए-ख़ाना-ए-लब क़हक़हे नहीं करेंगे — Shajar Abbas
लबों को कुछ तो नए साल क़हक़हे देना पुरानी आँखों को कुछ ख़्वाब अब नए देना — Raj Tiwari
क़हक़हे ओढ के जा तो रहे हो दोस्त मगर ये उदासी है छुपाए से नहीं छुपती है — Aqib khan

'क़हक़हे' शब्द जोरदार हँसी की ध्वनि को जगाता है, एक खुशी का विस्फोट जो वातावरण को भर देता है। कविता में, यह अनियंत्रित खुशी के क्षणों और सच्चे उल्लास की संक्रामक प्रकृति का प्रतीक है।

कवि 'क़हक़हे' का उपयोग खुशी और उत्सव की भावना को पकड़ने के लिए करते हैं। यह अक्सर मौन या दुःख के विपरीत होता है, हँसी की शक्ति को ऊपर उठाने और जोड़ने पर जोर देता है।

कविता में, 'क़हक़हे' हँसी के साथ आने वाली हल्केपन की याद दिलाता है। यह उन क्षणों का उत्सव मनाता है जब खुशी उमड़ती है और हम सभी को जोड़ती है।