सुनाए दिल कहानी और दिखे ख़ामोश ये धड़कन और सारे क़हक़हे ख़ामोशकभी जब ग़ौर से देखी कोई सूरत'बशर' आँखें सवाली लब मिले ख़ामोश— Dharmesh bashar