Meaning of

ज़ंजीर

zanjeer • زنجیر

जंजीर; बेड़ी; बंधन

chain; shackle; bond

زنجیر; بیڑی; بندھن

Persian

तू मुझे छोड़ के ठुकरा के भी जा सकती है तेरे हाथों में मेरे हाथ हैं ज़ंजीर नहीं — Sahir Ludhianvi
देख ज़िंदाँ से परे रंग-ए-चमन जोश-ए-बहार रक़्स करना है तो फिर पाँव की ज़ंजीर न देख — Majrooh Sultanpuri
क़ैद से छूट के भी क्या पाया आज भी पाँव में ज़ंजीर तो है — Shakeel Badayuni
यादों की रेल और कहीं जा रही थी फिर ज़ंजीर खींच कर ही उतरना पड़ा मुझे — Zehra Shah
तन्हाई से चौंके जो कभी ख़ुद को पुकारा ख़ामोशी से घबराए तो ज़ंजीर हिला दी — Abbas Qamar
ग़ुलामी में न काम आती हैं शमशीरें न तदबीरें जो हो ज़ौक़-ए-यक़ीं पैदा तो कट जाती हैं ज़ंजीरें — Allama Iqbal

'ज़ंजीर' शब्द जंजीरों और बंधनों की छवियाँ प्रस्तुत करता है, चाहे वे वास्तविक हों या रूपक। कविता में यह अक्सर समाज, संबंधों या स्वयं के मन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का प्रतीक है, जो मुक्ति की चाहत को जगाता है।

कवि 'ज़ंजीर' का उपयोग कैद और स्वतंत्रता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह मुक्ति के विपरीत है, जो सामाजिक और व्यक्तिगत प्रतिबंधों के खिलाफ संघर्ष को उजागर करता है।

कविता में, 'ज़ंजीर' मानव आत्मा को बांधने वाली जंजीरों के लिए एक शक्तिशाली रूपक के रूप में कार्य करता है।