Meaning of

मक्र-ओ-फ़रेब

makr-o-fareb • مکر و فریب

छल; धोखा; चालाकी

deceit; trickery; cunning

فریب; دھوکہ; چالاکی

Arabic

मकर-ओ-फ़रेब ज़ुल्म जहालत फ़ुजूर से
गुस्ताख़ियों के दहर से ख़ुद को निकाल लो

तहज़ीब-ओ-इल्म-ओ-फ़न ये तमद्दुन अदब शजर
लो अपने ख़ानवादे का विरसा सँभाल लो

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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में

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अपनी हयात काट के मक्र-ओ-फ़रेब में
बच्चों से कह रहे हैं बुरे काम मत करो

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मकर-ओ-फ़रेब ज़ुल्म जहालत फ़ुजूर से
गुस्ताख़ियों के दहर से ख़ुद को निकाल लो

तहज़ीब-ओ-इल्म-ओ-फ़न ये तमद्दुन अदब शजर
लो अपने ख़ानवादे का विरसा सँभाल लो

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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में

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मक्र-ओ-फ़रेब एक ऐसी दुनिया का आभास कराता है जहाँ दिखावे धोखा देते हैं और इरादे छुपे होते हैं। कविता में, यह अक्सर विश्वास और धोखे के जटिल नृत्य का प्रतीक होता है, जहाँ दिल भ्रम की भूलभुलैया में यात्रा करता है।

कवि मक्र-ओ-फ़रेब का उपयोग प्रेम और राजनीति में धोखे के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह ईमानदारी और सत्य के विपरीत है, विश्वास की नाजुक प्रकृति को उजागर करता है।

मक्र-ओ-फ़रेब हमें विश्वास और धोखे के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है। यह छाया और प्रकाश का नृत्य है, जहाँ सत्य अक्सर पहला शिकार होता है।