Meaning of

मेहरबाँ

meherbaan • مہرباں

दयालु; कृपालु; अनुग्रहकारी

kind; benevolent; gracious

مہربان; شفیق; کرم فرما

Persian

सितम भी मुझ पे वो करता रहा करम की तरह
वो मेहरबाँ तो न था मेहरबान जैसा था

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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी

हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी

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दुश्मनी कर मगर उसूल के साथ
मुझ पर इतनी सी मेहरबानी हो

मेरे में'यार का तक़ाज़ा है
मेरा दुश्मन भी ख़ानदानी हो

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उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया
तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का

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न जाना कि दुनिया से जाता है कोई
बहुत देर की मेहरबाँ आते आते

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ये उस की मेहरबानी है वो घर में ही सँवरती है
निकल आए जो महफ़िल में तो क़त्ल-ए-आम हो जाए

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दिल अभी पूरी तरह टूटा नहीं
दोस्तों की मेहरबानी चाहिए

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हुस्न जब मेहरबाँ हो तो क्या कीजिए
इश्क़ के मग़्फ़िरत की दुआ कीजिए

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ख़फ़ा हैं फिर भी आ कर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में
हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है

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बदल जाएँगे ये दिन रात 'अजमल'
कोई ना-मेहरबाँ कब तक रहेगा

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सितम भी मुझ पे वो करता रहा करम की तरह
वो मेहरबाँ तो न था मेहरबान जैसा था

22

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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी

हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी

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‘मेहरबाँ’ शब्द एक गर्मजोशी और दयालुता का भाव उत्पन्न करता है। मूल रूप में यह किसी ऐसे व्यक्ति का वर्णन करता है जो दयालु और कृपालु होता है, अपनी दयालुता दूसरों तक पहुँचाता है। कविता में इस शब्द को अपनाया गया है ताकि करुणा के कोमल स्पर्श और एक दयालु आत्मा की सुखद उपस्थिति को व्यक्त किया जा सके।

कवि अक्सर 'मेहरबाँ' का उपयोग प्रिय की कोमल प्रकृति का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह एक माँ की कोमल देखभाल, एक मित्र के क्षमाशील हृदय, या एक प्रेमी की कृपालु दृष्टि को दर्शा सकता है।

कविता में, 'मेहरबाँ' दयालुता का सार और एक कोमल हृदय की शांत शक्ति को समाहित करता है।