Meaning of

मोहर

mohr • مہر

मुहर; छाप; प्रभाव

seal; stamp; impression

مہر; چھاپ; اثر

Persian

ख़ता तुम से हुई आख़िर तुम्हारा क्या बिगड़ जाता
ये बाज़ी भी तुम्हारी थी अगर मोहरा बदल लेते

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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी

हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी

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दुश्मनी कर मगर उसूल के साथ
मुझ पर इतनी सी मेहरबानी हो

मेरे में'यार का तक़ाज़ा है
मेरा दुश्मन भी ख़ानदानी हो

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उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया
तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का

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न जाना कि दुनिया से जाता है कोई
बहुत देर की मेहरबाँ आते आते

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ये उस की मेहरबानी है वो घर में ही सँवरती है
निकल आए जो महफ़िल में तो क़त्ल-ए-आम हो जाए

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दिल अभी पूरी तरह टूटा नहीं
दोस्तों की मेहरबानी चाहिए

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आए तो यूँँ कि जैसे हमेशा थे मेहरबान
भूले तो यूँँ कि गोया कभी आश्ना न थे

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हुस्न जब मेहरबाँ हो तो क्या कीजिए
इश्क़ के मग़्फ़िरत की दुआ कीजिए

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ख़फ़ा हैं फिर भी आ कर छेड़ जाते हैं तसव्वुर में
हमारे हाल पर कुछ मेहरबानी अब भी होती है

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ख़ता तुम से हुई आख़िर तुम्हारा क्या बिगड़ जाता
ये बाज़ी भी तुम्हारी थी अगर मोहरा बदल लेते

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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी

हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी

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'मोहर' सील या चिह्नित करने की क्रिया को दर्शाता है, जो अक्सर अधिकार और प्रामाणिकता का भार वहन करता है। कविता में, यह आत्मा पर अनुभवों या भावनाओं द्वारा छोड़े गए अमिट निशानों का प्रतिनिधित्व करता है।

स्थायित्व और प्रभाव के विषयों को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। कवि अक्सर इसका उपयोग प्रेम, हानि, या स्मृति के स्थायी प्रभावों का पता लगाने के लिए करते हैं। अस्थायी और शाश्वत के बीच के विरोधाभास को उजागर करता है।

'मोहर' जीवन के स्थायी छापों का सार पकड़ता है, जहाँ प्रत्येक मुहर अपनी कहानी कहती है।