Meaning of

निमिष

nimish • نینوں

क्षण; पल; आँख झपकते ही

moment; instant; blink of an eye

لمحہ; پلک جھپکتے ہی

Sanskrit

अश्क बनकर बह गया नैनों का काजल है
आरज़ू की धूप पर क़िस्मत का बादल है

ढूँढ़ता है तौर वो मुझ को सताने के
मेरे सय्यादों में मेरा यार अव्वल है

0

Download Image

कितने दर्द सहेजे हम ने,तब जा कर ये गीत लिखे हैं
तुम क्या जानों इन नयनों की कितनी पीर पुरानी होगी

6

Download Image

दो झुके नयनों ने जो दिनभर किया संवाद ले कर
मैं अयोध्या लौट आया लखनऊ से याद ले कर

तीन झुमका चार बोसा पाँच झप्पी आठ कंगन
रख दिया है पर्स में पूरा अमीनाबाद ले कर

5

Download Image

हमारे साथ वही हादसा हुआ फिर से
बना लिया हमें फिर से शिकार नैनों ने

3

Download Image

वो लाज हया वो नैनों की थी नुमाइश जो
उफ़ यार कहूँ इक इस आ'मार में ही थी जो

2

Download Image

मेरे नैनों को प्यास जिस की थी
तू वही है तलाश जिस की थी

2

Download Image

अब उस की यादों में क्रंदन कौन करे
नयनों से अश्रु का स्यंदन कौन करे

2

Download Image

लफ़्ज़ मेरे रौशनाई में डुबोती शा'इरी
रोज़ इन पाषाण नयनों को भिगोती शा'इरी

कह दिया बस अलविदा क्या आपने सोचा कभी
हस्र क्या होता हमारा गर न होती शा'इरी

2

Download Image

हुआ है हाल मेरा मुद्दतों के बा'द ये 'साहिल'
गुज़रने को है चौथा दिन, नहीं नैनों में है निद्रा

1

Download Image

आज कल नींद नहीं नयनों में आती मेरे
दिल की बेचैनी है इक लड़की बढ़ाती मेरे

चाहता हूँ कि उसे दिल से भुला दूँ लेकिन
याद उस की कभी दिल से नहीं जाती मेरे

1

Download Image

अश्क बनकर बह गया नैनों का काजल है
आरज़ू की धूप पर क़िस्मत का बादल है

ढूँढ़ता है तौर वो मुझ को सताने के
मेरे सय्यादों में मेरा यार अव्वल है

0

Download Image

कितने दर्द सहेजे हम ने,तब जा कर ये गीत लिखे हैं
तुम क्या जानों इन नयनों की कितनी पीर पुरानी होगी

6

Download Image

मूल रूप में 'निमिष' समय की क्षणभंगुरता को दर्शाता है, एक पल जो ब्रह्मांड की अस्थायी सुंदरता को समेटे हुए है। कविता में, यह जीवन के क्षणिक पलों को उजागर करता है, जहाँ अनंतता एक क्षण में महसूस होती है।

'निमिष' का उपयोग कवि अक्सर समय के तीव्र प्रवाह को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अनंतता के विपरीत है, जीवन की क्षणिक खुशियों और दुखों को पकड़ता है। यह सुंदरता और भावना की क्षणभंगुरता की याद दिलाता है।

आँख झपकते ही, ब्रह्मांड अपने रहस्यों को प्रकट करता है। 'निमिष' क्षणिक पलों की सुंदरता का प्रमाण है।