आज कल नींद नहीं नयनों में आती मेरेदिल की बेचैनी है इक लड़की बढ़ाती मेरेचाहता हूँ कि उसे दिल से भुला दूँ लेकिनयाद उस की कभी दिल से नहीं जाती मेरे— KAVI SURESH AKELA