अश्क बनकर बह गया नैनों का काजल हैआरज़ू की धूप पर क़िस्मत का बादल हैढूँढ़ता है तौर वो मुझ को सताने केमेरे सय्यादों में मेरा यार अव्वल है— Palak Thakur