Meaning of

क़शिश

qashish • قشش

आकर्षण; मोह

attraction; allure

کشش; دلکشی

Arabic

वो बड़े ही सख़्त तेवर में दिखा है
इश्क़ के भी आज फ़ेवर में दिखा है

हो गई काफ़ूर चेहरे की कशिश भी
हिज्र का ग़म उस के ज़ेवर में दिखा है

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मौत के दरिंदे में इक कशिश तो है 'सरवत'
लोग कुछ भी कहते हों ख़ुद-कुशी के बारे में

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पाँव साकित हो गए 'सरवत' किसी को देख कर
इक कशिश महताब जैसी चेहरा-ए-दिलबर में थी

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मुहब्बत में कशिश रखने को शर्माना ज़रूरी है
मगर ये जान ले शाइ'र अदास चोट लगती है

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कुछ अलग करने की कशिश है, सो
अपनी हालत तबाह कर रहे हैं

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विकास खिड़कियों से देख आए आसमाँ तुम
कशिश थी फूल की तो हौसला भी होना था

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कि जितनी पूरे संसार में है
कशिश उतनी हमारे यार में है

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इस जहाँ के लिए आँखों में कशिश है ही नहीं
मैं किसी और ही मंज़िल का मुसाफ़िर निकला

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समुन्दर में कशिश है और मैं हूँ
मोहब्बत में मिरी हस्ती फ़ना है

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कशिश है आप के चेहरे में ऐसी
फ़लक से चाँद तारे आ गए हैं

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वो बड़े ही सख़्त तेवर में दिखा है
इश्क़ के भी आज फ़ेवर में दिखा है

हो गई काफ़ूर चेहरे की कशिश भी
हिज्र का ग़म उस के ज़ेवर में दिखा है

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मौत के दरिंदे में इक कशिश तो है 'सरवत'
लोग कुछ भी कहते हों ख़ुद-कुशी के बारे में

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'क़शिश' शब्द एक चुंबकीय खिंचाव, एक मोहकता को दर्शाता है जो इंद्रियों को मंत्रमुग्ध कर देती है। कविता में, यह अक्सर प्रियतम के अजेय आकर्षण या प्रकृति की मोहक सुंदरता का प्रतिनिधित्व करता है।

कवि 'क़शिश' का उपयोग प्रेम के आकर्षण या अज्ञात के मंत्रमुग्ध कर देने वाले खिंचाव को उजागर करने के लिए करते हैं। यह उदासीनता के विपरीत आकर्षण की शक्ति को उजागर करता है।

कविता में, 'क़शिश' उन चुंबकीय शक्तियों का प्रमाण है जो हमें बांधती हैं। यह हृदय की लालसा और आत्मा की सुंदरता की खोज को व्यक्त करता है।