Meaning of

क़स्म

qasm • قسم

शपथ; वचन; प्रतिज्ञा

oath; vow; promise

قسم; وعدہ; عہد

Arabic

तुम भी उल्टी उल्टी बातें पूछते हो
हम भी कैसी कैसी क़स
में खाते हैं

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इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो
कितने सच्चे दिल से झूठी क़स
में खाती हो

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मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है
इबादत से गुज़ारा कर रहे है

115

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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं
ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो

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ये तेरे ख़त ये तेरी ख़ुशबू ये तेरे ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ हैं तेरे कौल और क़सम की तरह

गुज़िश्ता साल मैं ने इन्हें गिनकर रक्खा था
किसी ग़रीब की जोड़ी हुई रक़म की तरह

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ख़ातिर से या लिहाज़ से, मैं मान तो गया
झूठी क़सम से, आप का ईमान तो गया

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सितारे और क़िस्मत देख कर घर से निकलते हैं
जो बुज़दिल हैं मुहूरत देख कर घर से निकलते हैं

हमें लेकिन सफ़र की मुश्किलों से डर नहीं लगता
कि हम बच्चों की सूरत देख कर घर से निकलते हैं

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मुस्कुरा बैठे हैं तुझ को मुस्कुराता देख कर
वरना तेरी मुस्कराहट की क़सम ग़ुस्से में हैं

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क़स
में, वादे, दरवाज़े तो ठीक हैं पर
ख़ामोशी को तोड़ नहीं सकता हूँ मैं

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ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता
अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता

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तुम भी उल्टी उल्टी बातें पूछते हो
हम भी कैसी कैसी क़स
में खाते हैं

60

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इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो
कितने सच्चे दिल से झूठी क़स
में खाती हो

238

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'क़स्म' शब्द एक गंभीरता और प्रतिबद्धता की भावना को जागृत करता है। अपने मूल अर्थ में, यह एक बंधनकारी वचन या शपथ को दर्शाता है, जो अक्सर एक उच्च शक्ति को साक्षी मानता है। कविता में, यह वफादारी, विश्वास और शब्द के महत्व को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'क़स्म' का उपयोग प्रेमियों या दोस्तों के बीच किए गए वादों की गहराई को दर्शाने के लिए करते हैं। यह एक बंधन की पवित्रता या टूटे हुए वचन के दर्द का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'क़स्म' मानव स्थिति का प्रमाण बन जाता है, जहाँ वादों में चंगा करने या चोट पहुँचाने की शक्ति होती है।