Meaning of

क़त्अ

qat'a • قطع

खंड; टुकड़ा; हिस्सा; शेर

fragment; section; piece; stanza

ٹکڑا; حصہ; قطعہ; بند

Arabic

पता है सब, तू इक तज़मीन मिसरा है
ग़ज़ल तो कह दिया, मक़्ता नहीं कहना

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क़त्अ कीजे न तअल्लुक़ हम से
कुछ नहीं है तो अदावत ही सही

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किताब-ए-इश्क़ में हर आह एक आयत है
पर आँसुओं को हुरूफ़‌‌‌‌-ए-मुक़त्तिआ'त समझ

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मिरी बातों को वो आधा समझती हैं
मैं मतला कहता हूँ मक़्ता समझती हैं

हुनर हैं शा'इरी मैं शे'र कहता हूँ
मगर इस को तो वो ज़ाया' समझती हैं

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क्यूँ आ जाते हो सीधे मक़्ते पर
पहले थोड़ा काम करो मतले पर

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मैं हूँ तुम हो तुम हो मैं हूँ दुनिया से क्या नाता है
गीत ग़ज़ल के हर मक़्ते में नाम तुम्हारा आता है

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कोई मुझ सा सानी मिल जाएगा तुम को
मक़्ता कह के फिर ख़त्म ग़ज़ल कर दी उस ने

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कभी त्योहारों का बनके कोई हफ़्ता चली आना
सफ़र हो ख़त्म तुमपे बनके वो रस्ता चली आना

कई बरसों से हूँ मैं चाहता लिखना ग़ज़ल ख़ुद पे
सनम करने मुकम्मल बनके तुम मक़्ता चली आना

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ऐसे भी लोग हैं यहाँ जो अपने नाम से
महफ़िल में पढ़ के आ गए मक़्ता मजाज़ का

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हर इक अल्फ़ाज़ में बस तू समाएँ
वगरना ये सुख़न हम कह न पाएँ

कभी इस क़ितआ का मिसरा रहे तू
कभी ग़ज़लों में तुझ को हम छुपाएँ

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पता है सब, तू इक तज़मीन मिसरा है
ग़ज़ल तो कह दिया, मक़्ता नहीं कहना

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क़त्अ कीजे न तअल्लुक़ हम से
कुछ नहीं है तो अदावत ही सही

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मूल रूप से 'क़त्अ' का अर्थ टुकड़ा या खंड होता है, जो साहित्य में अक्सर कविता के एक हिस्से या शेर को दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है। कविता में, यह कुछ पंक्तियों में विचार या भावना का सार पकड़ता है, कवि की दुनिया की एक झलक पेश करता है।

कवि 'क़त्अ' का उपयोग जटिल भावनाओं को संक्षिप्त अभिव्यक्तियों में संजोने के लिए करते हैं। यह एक स्वतंत्र टुकड़े के रूप में कार्य करता है जो एक संपूर्ण विचार या भावना को व्यक्त कर सकता है। अक्सर किसी विशेष विषय या क्षण को उजागर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

'क़त्अ' अपनी संक्षिप्तता में गहन चिंतन को उकसाने की शक्ति रखता है। यह संक्षिप्त अभिव्यक्ति की सुंदरता का प्रमाण है।