Meaning of

सहूलियत

sahooliyat • سہولت

सुविधा; सरलता; सहूलियत

convenience; ease; facility

سہولت; آسانی; سہل

Arabic

ख़ुदा भी देख ले गर ज़र्फ़ मेरा तो करेगा वाह
उन्होंने ख़ुद-कुशी कर ली जिन्हें था मुझ सेे आधा दुख

यही बस इक सहूलत आदमी होने पे है 'जगवीर'
कि औरत को ज़माने ने दिए हैं हम सेे ज़्यादा दुख

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ये मयकशों का तवाज़ुन भी क्या तवाज़ुन है
खड़े भी रहना सहूलत से लड़खड़ाना भी

हमारे शहर के लोगों को ख़ूब आता है
किसी को सर पे बिठाना भी और गिराना भी

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तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल
ये सुहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है

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मैं ज़िंदगी के सभी ग़म भुलाए बैठा हूँ
तुम्हारे इश्क़ से कितनी मुझे सहूलत है

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वक़्त, वफ़ा, हक़, आँसू, शिकवे जाने क्या क्या माँग रहे थे
एक सहूलत के रिश्ते से हम ही ज़्यादा माँग रहे थे

उस की आँखें उस की बातें उस के लब वो चेहरा उस का
हम उस की हर एक अदास अपना हिस्सा माँग रहे थे

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वो जो इक शख़्स मुझे ताना-ए-जाँ देता है
मरने लगता हूँ तो मरने भी कहाँ देता है

तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल
ये सहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है

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अपने होंटों से कहो फूल को चू
में हर रोज़
जब मेरे लब नहीं होंगे तो सहूलत होगी

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अब तो मैं बाल बढ़ा सकता हूँ
हिज्र में कितनी सहूलत है मुझे

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बड़ा मुश्किल अमल है,ये सहूलत से नहीं होता
बहुत दुश्वार दिखना भी, बहुत आसान होना भी

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कहाँ पे मुस्कुराना है कहाँ पे अश्क लाने हैं
हमारे हाथ से ये भी सहूलत जा रही है क्या

ये ख़ुशियाँ कर रही हैं घर मेरे दिल में मिरे अंदर
उदासी से मुहब्बत और निसबत जा रही है क्या

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ख़ुदा भी देख ले गर ज़र्फ़ मेरा तो करेगा वाह
उन्होंने ख़ुद-कुशी कर ली जिन्हें था मुझ सेे आधा दुख

यही बस इक सहूलत आदमी होने पे है 'जगवीर'
कि औरत को ज़माने ने दिए हैं हम सेे ज़्यादा दुख

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ये मयकशों का तवाज़ुन भी क्या तवाज़ुन है
खड़े भी रहना सहूलत से लड़खड़ाना भी

हमारे शहर के लोगों को ख़ूब आता है
किसी को सर पे बिठाना भी और गिराना भी

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मूल रूप से, 'सहूलियत' का अर्थ है सरलता और आराम, बाधाओं का हटना। कविता में, यह जीवन की सहज धारा का प्रतीक है, जहाँ बाधाएँ समाप्त हो जाती हैं और मार्ग सुगम हो जाता है।

कवि 'सहूलियत' का उपयोग शांति और सुकून के भाव को जगाने के लिए करते हैं। यह संघर्ष और कठिनाई के विपरीत होता है, उन क्षणों को उजागर करता है जब जीवन सहज और शांतिपूर्ण लगता है।

कविता में, 'सहूलियत' जीवन की कोमल बाहों की फुसफुसाहट है, जहाँ आत्मा को विश्राम मिलता है।