Meaning of

या-रब

ya-rab • یا رب

हे भगवान; ओ प्रभु

O Lord; Oh God

یا اللہ; اے خدا

Arabic

याद-ए-माज़ी 'अज़ाब है या-रब
छीन ले मुझ से हाफ़िज़ा मेरा

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फ़क़त दो-चार ईदें और बढ़ा दे साल में या रब
गले बाबा के लगने को बहाने चाहता हूँ मैं

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या रब मिरी दु'आओं में इतना असर रहे
फूलों भरा सदा मिरी बहना का घर रहे

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अनोखी वज़्अ' है सारे ज़माने से निराले हैं
ये आशिक़ कौन सी बस्ती के या-रब रहने वाले हैं

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ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब
ऐश की तरह अगर ग़म भी गवारा होता

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बाक़ी न दिल में कोई भी या रब हवस रहे
चौदह बरस के सिन में वो लाखों बरस रहे

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होगा किसी दीवार के साए में पड़ा 'मीर'
क्या रब्त मोहब्बत से उस आराम-तलब को

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या रब वो न समझे हैं न समझेंगे मिरी बात
दे और दिल उन को जो न दे मुझ को ज़बाँ और

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दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूँ या रब
क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो

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या रब मुझ को अब हक़ रस्ता दिखला भी दे
बे मक़्सद इंसाँ को इल्म-ए-रूहानी दे

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याद-ए-माज़ी 'अज़ाब है या-रब
छीन ले मुझ से हाफ़िज़ा मेरा

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फ़क़त दो-चार ईदें और बढ़ा दे साल में या रब
गले बाबा के लगने को बहाने चाहता हूँ मैं

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या-रब एक आह्वान है, जो दिव्यता की ओर निर्देशित एक विनती है। यह निराशा और आशा का भार वहन करता है, अक्सर गहरे लालसा या संकट के क्षणों में उपयोग किया जाता है। कविता में, यह सांसारिक और दिव्य के बीच एक पुल बन जाता है, हस्तक्षेप या सांत्वना के लिए एक पुकार।

कवि 'या-रब' का उपयोग आत्मा की गहरी सहायता की पुकार, दिव्य दया या समझ के लिए एक आह्वान के रूप में करते हैं।

या-रब दिव्यता के साथ संबंध की शाश्वत मानव खोज का प्रतीक है, मार्गदर्शन के लिए एक कालातीत विनती।