Meaning of

जे़र

zeer • زیر

नीचे; अधीन; निम्न

under; beneath; lower

نیچے; تحت; کم

Arabic

अलिफ़ को बै ज़बर को ज़ेर कहता है
हर इक टटपुंजिया अब शे'र कहता है

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दूर अगर रहते हैं माँ से हम ख़र्चीले हो जाते हैं
ऐसा खाना मिलता है सब कपड़े ढीले हो जाते हैं

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है दसहरे में भी यूँँ गर फ़रहत-ओ-ज़ीनत 'नज़ीर'
पर दिवाली भी अजब पाकीज़ा-तर त्यौहार है

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मुझ को न समझ आता है कुछ
मैं पेश कहूँ या ज़ेर कहूँ

क्यूँ शहर मेरा तू ने छोड़ा
अब किस को देख के शे'र कहूँ

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ज़ेर-ए-साया-ए–ज़ुल्फ, सोचा नहीं
तेरी फुर्कत भी सहनी पड़ेगी हमें

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खेल शतरंज के बदलते हैं
दाव असली वज़ीर चलते हैं

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हैरान भी बहुत हैं परेशान भी बहुत
यूँँ लग रहा है जैसे हैं अहल-ए-ग़दीर हम

ये राज़ खुलने वाला है दुनिया पे जल्द ही
साकित है वक़्त और हैं हरकत-पज़ीर हम

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न जाने कब से सहरा था मेरे दिल का जज़ीरा
तेरे बस एक गुल ने कर दिया गुलज़ार इस को

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ज़बर के बा'द मैं ये ज़ेर कहता हूँ
तुम्हारी याद में जाँ शे'र कहता हूँ

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ऐ ग़में हिज्रां यूँँ रह रह के जलाओ न मुझे
वक़्त गुजरा तू भी आ आ के सताओ न मुझे

चैन से जीने दे मुझ को ओ मेरे ख़्वाब-ओ-ख़्याल
मिट चुकी कब की सुनो ऐसे मिटाओ न मुझे

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अलिफ़ को बै ज़बर को ज़ेर कहता है
हर इक टटपुंजिया अब शे'र कहता है

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दूर अगर रहते हैं माँ से हम ख़र्चीले हो जाते हैं
ऐसा खाना मिलता है सब कपड़े ढीले हो जाते हैं

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'जे़र' शब्द का अर्थ है किसी चीज़ के नीचे या अधीन होना, जो अक्सर विनम्रता या अधीनता का संकेत देता है। काव्यात्मक रूप से, यह छिपी हुई गहराइयों या सतह के नीचे छिपी भावनाओं की परतों की छवि प्रस्तुत कर सकता है।

कवि 'जे़र' का उपयोग विनम्रता या अदृश्यता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह समर्पण में पाई जाने वाली शांत शक्ति या शांत बाहरी रूप के नीचे छिपी गहरी भावनाओं का संकेत दे सकता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'जे़र' अदृश्य और गहरे की फुसफुसाहट करता है, जो सतह के नीचे क्या है उस पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।