vo to gair hain lekin aap to hamaare the | वो तो ग़ैर हैं लेकिन आप तो हमारे थे

  - Javed Aslam

वो तो ग़ैर हैं लेकिन आप तो हमारे थे
याद कीजिए वो दिन साथ जो गुज़ारे थे

आँधियाँ चलीं जब जब लापता सहारे थे
मौज में मिरी कश्ती नाख़ुदा किनारे थे

छोड़ आए पीछे हम उल्फ़तों की वादी को
हर क़दम जहाँ धोखा हर तरफ़ ख़सारे थे

रहज़नों में हो शामिल वक़्त ने भी लूटा है
जब हमारे दामन में चाँद और तारे थे

बात मालदारों से चल पड़ी उसूलों की
इक तरफ़ था मैं तन्हा सामने वो सारे थे

  - Javed Aslam

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