vo jaisa chahte the ham ne to waisa kiya | वो जैसा चाहते थे हम ने तो वैसा किया

  - Harsh Kumar Bhatnagar

वो जैसा चाहते थे हम ने तो वैसा किया
किसी शाने पे सर रक्खा ये दिल हल्का किया

थे कुछ सपने जिन्हें तकमील कर पाया नहीं
मगर अब सोचता हूँ मैंने वो अच्छा किया

मुदावा रास तो आया नहीं हम को कभी
सो ये दुख बाँट कर सब को यहाँ शैदा किया

मैं ख़ुद को उम्र-भर तो ख़ुश भी रख सकता नहीं
सो ख़ुद को उम्र-भर के वास्ते तन्हा किया

परेशाँ कर न दे तुझको गिला ये बाद में
सो मैंने वस्ल के पहले ही पछतावा किया

  - Harsh Kumar Bhatnagar

More by Harsh Kumar Bhatnagar

As you were reading Shayari by Harsh Kumar Bhatnagar

Similar Writers

our suggestion based on Harsh Kumar Bhatnagar

Similar Moods

As you were reading undefined Shayari