aib hai to gumaan men kya hai | ऐब है तो गुमान में क्या है

  - Manohar Shimpi

ऐब है तो गुमान में क्या है
देख लो इस बयान में क्या है

फ़र्क पड़ता किसे तअल्लुक़ से
सच कहूँ ख़ानदान में क्या है

आसमाँ में उड़े परिंदे जब
तीर में क्या कमान में क्या है

जालसाज़ी हुई पता है सब
ऐसे फिर इम्तिहान में क्या है

जब दिल-ओ-दिल से ख़ुश कोई हो फिर
सातवें आसमान में क्या है

नींव जब झूठ के सहारे हो
होंठ पर क्या ज़बान में क्या है

जैसे हो वैसे ही रहो तुम भी
झूठ के आन-बान में क्या है

जब 'मनोहर' शुऊर ही बोले
ज़ेहन में और ध्यान में क्या है

  - Manohar Shimpi

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