हसीं वादियों की सहर हैचलो धूप भी मुख़्तसर हैचला तीर तरकश से वर्नानिशाने पे बस तेरा सर हैजियो ज़िंदगी मुस्कुराकेयहाँ बे-रुख़ी का असर हैपरखते परखते परखतेपरखना लगे इक हुनर हैनज़र बाज़ हूँ इस लिए हीमेरी आँख परवाज़ पर है— Manohar Shimpi