husn to hai hi magar vo koii moorat hai nahin | हुस्न तो है ही मगर वो कोई मूरत है नहीं

  - Manohar Shimpi

हुस्न तो है ही मगर वो कोई मूरत है नहीं
सिर्फ़ इक तस्वीर ही है वो सदाक़त है नहीं

फ़ैसला कुछ भी रहे मंज़ूर थोड़ी है मुझे
अस्ल में उस सेे बड़ी कोई अदालत है नहीं

रंज कितना भी रहे यारों भुला दो अब उसे
इस क़दर बर्ताव करना तो रफ़ाक़त है नहीं

मुल्क के ही वास्ते दो-राह चलना है अगर
किस क़दर आगे बढ़े फिर ये सियासत है नहीं

हिज्र में आसान बिल्कुल भी नहीं है राह-ए-'''इश्क़
'इश्क़ की इस राह में तो फिर मसाफ़त है नहीं

  - Manohar Shimpi

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