सरगिरानी दूर करने का बहाना बोल दे
मुस्कुरा के फिर तुझे कैसे मनाना बोल दे
दर्द के भी साथ सीखा मुस्कुरा के बोलना
कोई रोता है उसे फिर मुस्कुराना बोल दे
बे-क़रारी और ग़ुर्बत में सहारा चाहिए
मुफ़लिसों को या-ख़ुदा कैसे हँसाना बोल दे
हिज्र में भी हम-नशीं को मिलो दिल खोल के
ख़ास मिलने का बहाना है पुराना बोल दे
रंग भरना था अधूरा ही किसी तस्वीर में
हो गया पूरा अभी चेहरा दिखाना बोल दे
राज़ दिल से 'इश्क़ के ही अब 'मनोहर' खोल दे
इक अधूरा तेरा वा'दा है निभाना बोल दे
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