zindagi jeene ka pahle hausla paida karo | ज़िंदगी जीने का पहले हौसला पैदा करो

  - Manzar Bhopali

ज़िंदगी जीने का पहले हौसला पैदा करो
सिर्फ़ ऊँचे ख़ूबसूरत ख़्वाब मत देखा करो

दुख अँधेरों का अगर मिटता नहीं है ज़ेहन से
रात के दामन को अपने ख़ून से उजला करो

ख़ुद को पोशीदा न रक्खो बंद कलियों की तरह
फूल कहते हैं तुम्हें सब लोग तो महका करो

ज़िंदगी के नाम-लेवा मौत से डरते नहीं
हादसों का ख़ौफ़ ले कर घर से मत निकला करो

रहनुमा ये दर्स हम को दे रहे हैं आज-कल
बेच दो सच्चाइयाँ ईमान का सौदा करो

तैश में आने लगे तुम तो मिरी तन्क़ीद पर
इस क़दर हस्सास हो तो आइना देखा करो

  - Manzar Bhopali

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