मशविरा ही मशविरा मौजूद है
कुछ सही कुछ नारवा मौजूद है
देख लीजे हर तरफ़ तफ़्सील से
क्या नहीं है और क्या मौजूद है
एक आलिम ने बताया है मुझे
हर किसी दिल में ख़ुदा मौजूद है
टूट कर बिखरो कभी गर 'इश्क़ में
शाइरी की यह दवा मौजूद है
ढूँढ़ना चाहो अगर दुनिया में ग़म
बा-ख़ुदा बेइंतिहा मौजूद है
जब तुम्हें सूरत न ख़ुद की भाए तो
मेरे दिल का आईना मौजूद है
'नित्य' फ़ोटो की मुझे अब क्या ग़रज़
दिल में जब वो बेवफ़ा मौजूद है
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