jaana tha par ruken shaam ka vaqt hai | जाना था पर रुकें शाम का वक़्त है

  - Rakesh Mahadiuree

जाना था पर रुकें शाम का वक़्त है
आप भी देख लें शाम का वक़्त है

आप बैठे रहें यूँँ हमारे क़रीब
हम इबादत करें शाम का वक़्त है

उम्र भर आपके हम मुसाफ़िर रहें
अब तो दिल में रखें शाम का वक़्त है

दिल है लुटते हुए इक नगर की तरह
लोग ठहरे चलें शाम का वक़्त है

जाने वाले कभी लौटते क्यूँँ नहीं
पूछती चौखटें शाम का वक़्त है

  - Rakesh Mahadiuree

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