क्यूँ हुआ वो ख़फ़ा कुछ बता तो सही
क्या चला है पता कुछ बता तो सही
किसलिए ये चुभन उठ रही है तुझे
तुझको क्या हो गया कुछ बता तो सही
चेहरा ख़ामोश है आइने की तरह
फूल में क्या दिखा कुछ बता तो सही
फूल में ख़ुश्बू या ख़ुश्बू में फूल था
कौन किस
में फ़ना कुछ बता तो सही
बे-वजह कोई रोता नहीं है बडी
आँख में क्या धँसा कुछ बता तो सही
सब समझ आ गया सब समझ आ गया
क्या समझ आ गया कुछ बता तो सही
As you were reading Shayari by Rakesh Mahadiuree
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