Faasla Shayari - Dil ke faasle, dooriyan aur adhoori mohabbat ki lines

Faasla shayari expresses the silent distance between hearts, where emotions remain but connections fade. It beautifully captures feelings of separation, longing, and unspoken pain in relationships. Whether it's physical doori or emotional gap, these lines reflect the depth of love lost in distance.

What is faasla shayari?

Faasla shayari is poetry that expresses emotional or physical distance between people, often highlighting feelings of separation, longing, and incomplete relationships.

Faasla Shayari in Hindi

Explore heartfelt faasla shayari in Hindi that captures emotional and physical distance in relationships.

जो देखने में बहुत ही क़रीब लगता है उसी के बारे में सोचो तो फ़ासला निकले — Waseem Barelvi
इक तेरा हिज्र दाइमी है मुझे वर्ना हर चीज़ आरज़ी है मुझे — Tehzeeb Hafi
आई होगी किसी को हिज्र में मौत मुझ को तो नींद भी नहीं आती — Akbar Allahabadi
हिज्र में तुम ने केवल बाल बिगाड़े हैं हम ने जाने कितने साल बिगाड़े हैं — Anand Raj Singh
तुम्हारा हिज्र मना लूँ अगर इजाज़त हो मैं दिल किसी से लगा लूँ अगर इजाज़त हो — Jaun Elia
मुमकिना फ़ैसलों में एक हिज्र का फ़ैसला भी था हम ने तो एक बात की उस ने कमाल कर दिया — Parveen Shakir
कितना आसाँ था तिरे हिज्र में मरना जानाँ फिर भी इक उम्र लगी जान से जाते जाते — Ahmad Faraz
मोहब्बत दो-क़दम पर थक गई थी मगर ये हिज्र कितना चल रहा है — Zubair Ali Tabish
उस हिज्र पे तोहमत कि जिसे वस्ल की ज़िद हो उस दर्द पे ला'नत की जो अश'आर में आ जाए — Vipul Kumar

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Faasla Shayari on Love

Read faasla shayari on love that reflects the pain of distance between two hearts.

ये सानिहा भी शब-ए-हिज्र आ पड़ा हम पर तेरा ख़याल तो आया तेरी तलब न हुई — Subhan Asad
सुब्ह तक हिज्र में क्या जानिए क्या होता है शाम ही से मिरे क़ाबू में नहीं दिल मेरा — Jigar Moradabadi
सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है हर घर में बस एक ही कमरा कम है — Javed Akhtar
हम कहाँ और तुम कहाँ जानाँ हैं कई हिज्र दरमियाँ जानाँ — Jaun Elia
नज़दीकी अक्सर दूरी का कारन भी बन जाती है सोच-समझ कर घुलना-मिलना अपने रिश्ते-दारों में — Aalok Shrivastav
कभी न लौट के आया वो शख़्स, कहता था ज़रा सा हिज्र है बस सरसरी बिछड़ना है — Subhan Asad
फ़ासला रख कर भी क्या हासिल हुआ आज भी उस का ही कहलाता हूँ मैं — Shariq Kaifi
मिरी ज़िंदगी तो गुज़री तिरे हिज्र के सहारे मिरी मौत को भी प्यारे कोई चाहिए बहाना — Jigar Moradabadi
दिल हिज्र के दर्द से बोझल है अब आन मिलो तो बेहतर हो इस बात से हम को क्या मतलब ये कैसे हो ये क्यूँँकर हो — Ibn E Insha
तू परिंदा है किसी शाख़ को घर कर लेगा जो तेरे हिज्र का मारा है किधर जाएगा — Shadab Javed

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Faasla Shayari on Life

Discover faasla shayari on life that highlights emotional gaps and changing relationships over time.

बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता — Bashir Badr
ख़ौफ़ आता है अपने साए से हिज्र के किस मक़ाम पर हूँ मैं — Siraj Faisal Khan
अब तो मैं बाल बढ़ा सकता हूँ हिज्र में कितनी सहूलत है मुझे — Nasir khan 'Nasir'
तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है उसे दुल्हन भी बनते देखना है — Anand Verma
तेरे जाने में और आने में हम ने सदियों का फ़ासला देखा — Sudarshan Fakir
'मुनीर' अच्छा नहीं लगता ये तेरा किसी के हिज्र में बीमार होना — Muneer Niyazi
रेल की सीटी में कैसे हिज्र की तम्हीद थी उस को रुख़्सत कर के घर लौटे तो अंदाज़ा हुआ — Parveen Shakir

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Faasla Shayari with Meaning

Understand the deeper emotions behind faasla shayari with simple meanings and interpretations.

भले ही प्यार हो या हिज्र हो या फिर सियासत हो कुछ ऐसे दोस्त थे हर बात पर अश'आर कहते थे — Siddharth Saaz
दूरी हुई तो उन सेे क़रीब और हम हुए ये कैसे फ़ासले थे जो बढ़ने से कम हुए — Waseem Barelvi
कैसी बिपता पाल रखी है क़ुर्बत की और दूरी की ख़ुशबू मार रही है मुझ को अपनी ही कस्तूरी की — Naeem Sarmad
काट पाऊँगा मैं कैसे ज़िंदगी तेरे बग़ैर तीन दिन का हिज्र मुझ को लग रहा है तीन साल — Afzal Ali Afzal
जहाँ जो था वहीं रहना था उस को मगर ये लोग हिजरत कर रहे हैं — Liaqat Jafri
मैं अपनी हिजरत का हाल लगभग बता चुका था सभी को और बस तिरे मोहल्ले के सारे लड़के हवा बनाने में लग गए थे — Vikram Gaur Vairagi
हिज्र की रातें इतनी भारी होती हैं जैसे छाती पर ऐरावत बैठा हो — Tanoj Dadhich
ख़ुदा करे कि तिरी उम्र में गिने जाएँ वो दिन जो हम ने तिरे हिज्र में गुज़ारे थे — Ahmad Nadeem Qasmi
जनम-दिन हिज्र का कुछ यूँँ मनाया किया अनब्लॉक तुम को आज हम ने — Tanoj Dadhich

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Faasla Shayari on Emotions

Feel the depth of emotions through faasla shayari that expresses longing, pain, and distance.

हिज्र में ख़ुद को तसल्ली दी कहा कुछ भी नहीं दिल मगर हँसने लगा आया बड़ा कुछ भी नहीं — Afkar Alvi
ये जो हिजरत के मारे हुए हैं यहाँ अगले मिसरे पे रो के कहेंगे कि हाँ — Ali Zaryoun
हिज्र में इश्क़ यूँँ रखा आबाद हिचकियांँ तन्हा तन्हा लेते रहे — Siraj Tonki
किसी से दूरी बनाई किसी के पास रहे हज़ार कोशिशें कर लीं मगर, उदास रहे — Sawan Shukla
पहले लगा था हिज्र में जाएँगे जान से पर जी रहे हैं और भी हम इत्मीनान से — Ankit Maurya
अमीर इमाम के अश'आर अपनी पलकों पर तमाम हिज्र के मारे उठाए फिरते हैं — Ameer Imam
शाम थी हिज्र की हाल मत पूछना आँख थकने लगे तो जिगर रो पड़े — Piyush Mishra 'Aab'
हिज्र में इश्क़ यूँँ रखा आबाद हिचकियाँ तन्हा तन्हा लेते रहे — Siraj Tonki
तुम्हारा हिज्र पूरा हो गया है मैं अब से शे'र कहना छोड़ दूँगा — Faiz Ahmad
सुकून देती थी तब मुझ को वस्ल की सिगरेट अब उस के हिज्र के फ़िल्टर से होंठ जलते हैं — Upendra Bajpai

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2 Line Faasla Shayari

Short and impactful 2 line faasla shayari perfect for quick expression of feelings.

उभर कर हिज्र के ग़म से चुनी है ज़िंदगी हम ने वगरना हम जहाँ पर थे वहाँ पर ख़ुद-कुशी भी थी — Naved sahil
तुम्हारा बैग भी तय्यार कर के रक्खा है अकेली हिज्र के आज़ार क्यूँ उठाऊँ मैं — Zahraa Qarar
क्यूँँ बुरा भला कहें किसी को भी अगरचे हम बन गए हैं हिज्र में जो साहिब-ए-किताब अब — Amaan Pathan
मर्म हँसने का समझ पाए ज़रा हम देर से वस्ल जिस को कह रहे थे हिज्र की बुनियाद थी — Atul K Rai
अभी तो जान कहता फिर रहा है तू तुझे हम हिज्र वाले साल पूछेंगे — Parul Singh "Noor"
दर्द-ए-मुहब्बत दर्द-ए-जुदाई दोनों को इक साथ मिला तू भी तन्हा मैं भी तन्हा आ इस बात पे हाथ मिला — Abrar Kashif
बस इतनी सी दूरी ये मैं हूँ ये मंज़िल कहाँ आ के फूटे हैं पाँव के छाले — Qamar Jalalvi

Short Faasla Shayari

Simple and short faasla shayari lines that convey deep emotions in few words.

क्यूँँ हिज्र के सभी को क़िस्से सुना रहे हो ग़म बेचते हो सब को ग़म की दुकान हो तुम — Amaan Pathan
हम तुम में कल दूरी भी हो सकती है वज्ह कोई मजबूरी भी हो सकती है — Bedil Haidri
मुझे लिटा तो दो क़ब्र में तुम पर आँख मेरी खुली ही रखना ज़रा सी दूरी पे हम सफ़र है मुझे पता है मुझे ख़बर है — Amaan Pathan
बहुत दिनों में मोहब्बत को ये हुआ मा'लूम जो तेरे हिज्र में गुज़री वो रात रात हुई — Firaq Gorakhpuri
हिज्र का बोझ है अल्फ़ाज़ से उठने का नहीं रोने वालों को तसल्ली नहीं शाने दीजे — Ashfaq Nasir
वो हसीं रात जो थी सोके गुजार दी मैं ने अब इस हिज्र में न जाने कब नींद आए — karan singh rajput
कहाँ के इश्क़-ओ-मोहब्बत किधर के हिज्र-ओ- विसाल अभी तो लोग तरसते हैं ज़िन्दगी के लिए — Zehra Nigaah
रास्ता है कि कटता जाता है फ़ासला है कि कम नहीं होता — Qabil Ajmeri
क्यूँँ हिज्र के शिकवे करता है क्यूँँ दर्द के रोने रोता है अब इश्क़ किया तो सब्र भी कर इस में तो यही कुछ होता है — Hafeez Jalandhari
सब कुछ पहले जैसा लगने लगता है हम में जैसे इक मैसेज की दूरी है — Anfal Rafique
हिज्र कटता है मेरा जून की गर्मी की तरह एक लम्हा जहाँ सदियों की तरह होता है — Shakir Dehlvi
मैं हिज्र का मारा हुआ हूँ इस लिए मुझ को दुआएँ दे दवाई रहने दे — Nilesh Barai

Faasla Shayari for WhatsApp Status

Perfect faasla shayari for WhatsApp status to express distance and unspoken feelings.

चाँद हो तुम चकोर हैं आँखें हिज्र ये इत्मीनान वाला है — Saarthi Baidyanath
बनाए जा रही है फासला वो कभी जो राबते में थी हमारे — Kush Pandey ' Saarang '
इक क़दम की थी दूरी वहाँ की जहाँ आने में जाने कितने ज़माने लगे? — Alankrat Srivastava
मोहब्बत, वस्ल, हिज्र और बे-वफ़ाई तज़ुरबे ज़िंदगी के हो चुके सब — Guru Gunour
मुझ सेे बिछड़ना तेरी मजबूरी सही कुछ भी नहीं तो मीलों की दूरी सही — karan singh rajput
भारी मन से निकले उस के दिल से हम हिजरत करना किस को अच्छा लगता है — Pawan
तू भी ख़ुश है मैं भी ख़ुश हूँ ये कैसा हिज्र हुआ जानाँ — Pawan
हिज्र दर-अस्ल आशिक़ों के लिए एक तमग़े की तरह होता है — Saarthi Baidyanath
तन्हाई हो, हिज्र हो, बातें करने को तरसे ये दिल, इश्क़ हुआ वो जिस में ये हालात मुसलसल रहते हों — Hasan Raqim
न बहें तो क्या करें फिर आप ही कहिए ज़रा आप सागर से नदी का फासला तो देखिए — Abhishek Shukla
कब तलक तेरे हिज्र में बहती आँख थी कोई आबशार न था — Zeeshan Ajnabee

Faasla Shayari Captions

Use these faasla shayari captions for Instagram and social posts about distance and emotions.

शब पिघलेगी लम्हा-लम्हा, गहराएगी और सियाही रौशन रखना यादें सारी, वस्ल बुझे तो हिज्र जलाना — Saurabh Mehta 'Alfaaz'
जन्म दिन हिज्र का आने को है बरसी-ए-इश्क़ है कुछ रोज़ में अब — Santy sharma
दुनिया मेरे नसीब में कुछ कम लिखी गई वरना ये तेरा हिज्र कभी काटता ना मैं — Khalid Azad
कोई तो मुझ को बता दे ये हिज्र का मारा अज़ाब-ए-गफ़लत-ए-क़ातिल बयान कैसे करूँँ — Shajar Abbas
तुम्हारा हिज्र बड़े ही सुकून से गुज़रा भटकते रहना था और बस मलाल करना था — Monis faraz
ख़िज़्र की उम्र भी अता कर दी फिर तेरा हिज्र भी दिया साहब — Ashutosh Kumar "Baagi"
सच बताऊँ तो हम दोनों में फ़ासला एक झूठी ख़बर से बनाया गया — Akhil Saxena
जान-ए-जाना तुम्हारे हिज्र के बा'द मय-कदा बन गया ठिकाना मेरा — Shajar Abbas
बता रहे हैं ये हालात-ए-ज़िन्दगी मुझ को तुम्हारा हिज्र मेरी जान ले के दम लेगा — Shajar Abbas
हर रिश्ते का अंजाम दूरी है फिर भी इश्क़ कितना ज़रूरी है — Gaurav saaz

FAQs

People use faasla shayari when they feel distant from someone they love, whether due to breakup, long-distance relationships, or emotional disconnection.
No, faasla shayari can also reflect distance in friendships, family bonds, or even the gap between dreams and reality.
Yes, short faasla shayari lines are commonly used as WhatsApp status to express silent feelings and emotional distance.
Faasla shayari often reflects emotions like loneliness, longing, sadness, silence, and the pain of being apart from someone important.
Yes, faasla shayari is available in Hindi, English, and Hinglish, allowing users to express their feelings in the language they connect with most.
Faasla shayari focuses more on distance and emotional gaps, while judai shayari specifically deals with separation or parting between two people.