सबका जो इन दिनों है मसीहा बना हुआउस से ये पूछना कि मोहब्बत का क्या हुआ?हँसता हूँ मैं जो हिज्र में तो पूछते हैं सबपतझड़ के दिन में पेड़ ये कैसे हरा हुआ?— Rituraj kumar